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13.5.12

खजुराहो

मित्रवरो के साथ में, पहुच गए खजुराहो
गाइड महोदय बता रहे, बिन प्रेयसी मत आओ,
सुन गाइड की बात को, जोड़ी अपनी दिखाई,
हम तीनो के साथ में,बीबी एक-एक आई ..!

झील  किनारे होटल ले कर,जैसे ही ले अंगडाई
बाजू वाले कमरे से,विचित्र सी आवाज़ आई,
सुनकर आवाज़ को,किया हमने सपोस..
बाजू वाले लगता ले रहे,हनीमून का डोस ..!

अगली सुबह तैयार हो,दर्शन  को थे आतुर
पहुच गए मंदिर,जोड़ी संग लाइन लगा कर,
गाइड बाबू सिखलाएंगे,हमको इन डिटेल
नई-नई टेक्नीक में,वही पुराना खेल ..!

आंखे हमारी दंग हुई ,पसीना ओन माय नोस
कठिन परिश्रम के बाद भी,बनता नहीं पोस,
मैडम भी खिसियाकर, मारे हमको ताने
नहीं तुम्हारे बसके ,खेल ये पुराने ..!

आहत हो हमने भी,छेड़दी लड़ाई
कमर पकड़ उनकी,कुंडली ऐसी लगाई,
होम वर्क में व्यस्त हुए,विथआउट रोक-टोक
नए-नए स्टाइल और नए-नए स्ट्रोक ..!

राजाओ ने हमको,जो कर के  दिखलाया
लगता जैसे रामदेव ने,योग उन्हें सिखलाया,
करते-करते नक़ल को,यहाँ फूल गयी है छाती
प्रियतम धीरे से बोली,यह नई विधि ही भाती ...!!

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