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10.2.13

तुम चाँद ... मै सितारा

तुम चाँद मै सितारा होता ..
आसमां में  एक आशियाँ  हमारा होता,
दूर से देखता तुझे ये जग सारा ..
नज़दीक आने का हक़ ,बस हमारा होता।।

हंसी मौसम , मस्त नज़ारा होता ..
लबों पर मेरे , नाम तुम्हारा होता,
यूँ तो चांदनी खिलती .. हर घर पर,
रौशन एक दिल , बस हमारा होता।।

इठलाती लहरें  ,दूर तक किनारा होता ..
क्षितिज सा मिलन  , नित हमारा होता ,
कहती नज़रें यह ..एक दूसरे से ...
ख्व़ाब यह सच ..काश हमारा होता।।
तुम चाँद मै सितारा होता ..

तुम चाँद मै सितारा होता ..

1 comment:

  1. यह कविता अपने जीवन के उन्तालिस्वे (39) वैलेंटाइन दिवस को समर्पित कर रहा हूँ।
    आशा है ,की आप सब का जीवन भी , इन पंक्तियों में दर्शाए प्रेम से परिपूर्ण रहे ..
    खुश रहे व् अपने सभी चाहने वालो की खुशियों का कारण बने।।

    14.02.2013

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