अपने सारे यार खफ़ा ... किए गए वादों का क्या
गुज़रें पल की याद नहीं ..बाते है बातों का क्या
अपने सारे यार खफ़ा ... किए गए वादों का क्या
हो गई शादी ...
हो गई शादी, दोस्त तेरी
फिर भी न तू सुख पाएगा
तेरा अपना आ
तेरा अपना साथी तुझको
आखिर खूब सताएगा
ऑफिस में ...
ऑफिस में सुख पाने वाले
लौट के घर को आयेगा ..
अपने सारे यार खफ़ा ... किए गए वादों का क्या
माल में तेरे ..
माल में तेरे साथ चलेगी
बाद में झोले उठाएगा
साले सारे ...
साले सारे जी -जी करके
जीजी का साथ निभाएँगे
देते है ....
देते है जीजा को धोखा ,खुद भी साले खाएँगे !!
अपने सारे यार खफ़ा ... किए गए वादों का क्या
फिल्म उपकार के सुप्रसिद्ध गीत " कसमे वादे ..प्यार वफ़ा .. " जिसको , श्री मन्ना डे ने अपने स्वर दिए थे , की तर्ज़ पर एक पैरोडी पेश है !
ReplyDeleteयहाँ दो दोस्तों के विवाहोपरांत विचारो को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है ! कैसे पुराने दोस्त और उनके साथ बिताये गए समय की याद हमेशा दिलो में रहती है। आशा है की आप सब मेरे इस प्रयास को भी पसंद करेंगे !!