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21.5.19

मेरी पत्नी - मेरा अभिमान है


मेरी पत्नी - मेरा अभिमान है !!




युवा अवस्था में जब थे हम,  ख्वाब सदा देखते नारी का ,
ज्ञात नहीं था SIDE  EFFECT ..,   हमको इस बीमारी का !!हिचकोलें खाते हृदय में हमने, सदैव ही, यह अरमान जगाया ,
आत्मविश्वास से, भरकर ही..,  सन 98,  में  विवाह रचाया !!

 आज बरस हुए है, 20 हमको ,   शहनाई  बजवाए हुए ,
खुश-हाल, है कितना हम.. ,   नहीं बिलकुल पछताए हुए !!बात अलग है , चहरे पर ,    मुस्कान कभी दिखती नहीं ,
चिंता है ! चिन्ता है, मुझे देश की.. , घर में तो  चलती नहीं !!

 कड़वी बातें जीवन की ,  रखते है सब याद ,
पाने को ऐसी ही सूरत.. करते थे फ़रियाद !!ईश्वर ने सब सुनकर ही,  कदम यह उठाया ,
सुन्दर,मोहक सूरत वाला.. ,खुद चल कर घर आया !!

 कथनी और करनी में,  रखो कभी न फ़र्क़ ,
पत्नी महिमा जो समझ न पाए.. , हो बेड़ा उसका ग़र्क़ !!तजुर्बे से जो हासिल हो ,  ऐसा ही यह ज्ञान है..खुशियों का सिद्धांत एक.. ,  मेरी पत्नी - मेरा अभिमान है !!


                                                         समर्थ
                                                           8.12.2018


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