मेरी पत्नी -
मेरा अभिमान है !!
युवा
अवस्था में जब थे हम, ख्वाब सदा देखते नारी का ,
ज्ञात
नहीं था SIDE
EFFECT .., हमको
इस बीमारी का !!हिचकोलें
खाते हृदय में
हमने, सदैव
ही, यह अरमान जगाया ,
आत्मविश्वास
से, भरकर ही.., सन 98, में विवाह रचाया !!
आज बरस
हुए है, 20 हमको , शहनाई बजवाए हुए ,
खुश-हाल, है कितना हम..
, नहीं
बिलकुल पछताए हुए !!बात अलग
है , चहरे पर , मुस्कान
कभी दिखती नहीं ,
चिंता
है ! चिन्ता है, मुझे देश की..
, घर में तो चलती नहीं !!
कड़वी
बातें जीवन की , रखते है सब याद ,
पाने
को ऐसी ही सूरत.. करते थे फ़रियाद !!ईश्वर
ने सब सुनकर ही,
कदम यह उठाया
,
सुन्दर,मोहक सूरत वाला..
,खुद चल कर घर आया !!
कथनी और करनी में, रखो कभी न फ़र्क़ ,
पत्नी महिमा जो समझ न पाए.. , हो
बेड़ा उसका ग़र्क़ !!तजुर्बे से जो हासिल हो , ऐसा ही यह ज्ञान है..खुशियों का सिद्धांत एक.. , मेरी पत्नी - मेरा अभिमान है !!
समर्थ
8.12.2018
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