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13.12.12

दोस्त की शादी

बच्चपन के  दोस्त की ,
हो गई  है शादी ,
बीबी  उसकी नेक है,
बेहद सीधी - सादी !!

फ़ोन  लगाकर  कहती  अक्सर ,
भैया घर  कब  आओगे ...
मेरे बनाए  कबाब  पराठे  ,
अब फिर कब  खाओगे  !! 

सुनकर इस प्रलोभन को ,
मुह  में  आता  पानी ...
चिढ़कर  पत्नी बोले हमसे ,
बहुत हुई  मनमानी  !!

नहीं  ज़रुरत  जाने  की ,
न - ही  कुछ  खाने  की ..
वज़न  घटाने  का है वादा ,
कैलोरीज़  इनमे कितनी जादा  !!

सुन मधुर वाणी , मै ..
समझ  गया  अभिप्राय ...
परमेश्वर ..का सुख जो हरे,
वोहि  पत्नी  कहलाए  !!





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