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16.12.12

उद्धार





कर रहे प्रभु आपसे , विनती बारम्बार  ,
अगले जन्म में , करना कुछ  उद्धार।।
करना कुछ उद्धार ,की मत देना मूँछ  और  दाड़ी ..
भाग्यशाली है वो , जो पहने सूट  और साड़ी।।

नित नए रूप में ,है सजती और सवरती, 
सताने को, मर्दों  को ,न जाने क्या क्या करती ,
न जाने क्या क्या करती , लगा कर  रूस  और लाली ,
डीप नैक  का टॉप  और जीन्स  पॉकेट वाली।।

करती है घायल हमको , बिन छूरी -तलवार ,
शार्ट लेंथ की कुर्ती उनकी ..और ढीली  सलवार।
और ढीली सलवार, की हाय।। .. मर ही जाए ,
कैसे इन बालाओं से , खुद को हम बचाए।।

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